News
योग केवल आसन नहीं
डॉ. संजीव शर्मा (योगाचार्य) “योग केवल आसन नहीं, जीवन को सही दिशा देने की कला है। जो स्वयं को जीत लेता है, वही संसार में सच्ची निपुणता प्राप्त करता है।”
योग केवल आसन नहीं
डॉ. संजीव शर्मा (योगाचार्य) “योग केवल आसन नहीं, जीवन को सही दिशा देने की कला है। जो स्वयं को जीत लेता है, वही संसार में सच्ची निपुणता प्राप्त करता है।”
जिस दिन मन सेवा, साधना और सत्य से जुड़ जाता है
जिस दिन मन सेवा, साधना और सत्य से जुड़ जाता है, उसी दिन जीवन योग बन जाता है। योग केवल आसन नहीं, जाग्रत चेतना की अवस्था है। डॉ संजीव...
जिस दिन मन सेवा, साधना और सत्य से जुड़ जाता है
जिस दिन मन सेवा, साधना और सत्य से जुड़ जाता है, उसी दिन जीवन योग बन जाता है। योग केवल आसन नहीं, जाग्रत चेतना की अवस्था है। डॉ संजीव...
" संगत का फर्क "
"संगत का फर्क'☺️🥳👈पानी की एक बूंद गरम तवे पर पड़ती है तो मिट जाती है" "कमल के पत्ते पर गिरती है तो मोती की तरह चमकने लगती है""सीप में आती...
" संगत का फर्क "
"संगत का फर्क'☺️🥳👈पानी की एक बूंद गरम तवे पर पड़ती है तो मिट जाती है" "कमल के पत्ते पर गिरती है तो मोती की तरह चमकने लगती है""सीप में आती...
आज का श्री हनुमान योग सूत्र
आज का श्री हनुमान योग सूत्र सूत्र स्थिरचित्ते महावीर्यं प्रकटते। भावार्थ जब चित्त स्थिर हो जाता है, तब भीतर छिपी हुई महावीर्य शक्ति स्वतः प्रकट हो जाती है। हनुमान योग...
आज का श्री हनुमान योग सूत्र
आज का श्री हनुमान योग सूत्र सूत्र स्थिरचित्ते महावीर्यं प्रकटते। भावार्थ जब चित्त स्थिर हो जाता है, तब भीतर छिपी हुई महावीर्य शक्ति स्वतः प्रकट हो जाती है। हनुमान योग...
उसी दिन हनुमान जी शक्ति जागृत हो जाती है।
“जिस दिन अहंकार झुक जाता है, उसी दिन हनुमान-शक्ति जागृत हो जाती है। सेवा को जीवन बनाओ, भय स्वतः दूर हो जाएगा।” 🙏 जय श्री राम | जय हनुमान 🔱...
उसी दिन हनुमान जी शक्ति जागृत हो जाती है।
“जिस दिन अहंकार झुक जाता है, उसी दिन हनुमान-शक्ति जागृत हो जाती है। सेवा को जीवन बनाओ, भय स्वतः दूर हो जाएगा।” 🙏 जय श्री राम | जय हनुमान 🔱...
मनुष्य का उद्धार मात्र नाम - स्मरण से हो जाता है।
कथा मनुष्य के जीवन में मार्ग-दर्शक है। कथा सूक्ष्म दोषों का भान कराती है। मनुष्य का उद्धार मात्र नाम-स्मरण से हो जाता है। वेदान्त के सिद्धान्तों को समझना कठिन है,...
मनुष्य का उद्धार मात्र नाम - स्मरण से हो जाता है।
कथा मनुष्य के जीवन में मार्ग-दर्शक है। कथा सूक्ष्म दोषों का भान कराती है। मनुष्य का उद्धार मात्र नाम-स्मरण से हो जाता है। वेदान्त के सिद्धान्तों को समझना कठिन है,...