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जो लोग आपको कम आंक रहे हैं यह तय है कि वे एक दिन पछताएंगे... डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य

जो लोग आपको कम आंक रहे हैं यह तय है कि वे एक दि...

जो लोग आपको कम आंक रहे हैं यह तय है कि वे एक दिन पछताएंगे... डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य

जो लोग आपको कम आंक रहे हैं यह तय है कि वे एक दि...

जो लोग आपको कम आंक रहे हैं यह तय है कि वे एक दिन पछताएंगे... डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य

हिमालयन गद्दी समुदाय - पुस्तक विमोचन का गौरवपूर्ण क्षण

हिमालयन गद्दी समुदाय - पुस्तक विमोचन का गौरवपूर...

📚 हिमालयन गद्दी समुदाय — पुस्तक विमोचन का गौरवपूर्ण क्षण 📚 आज मेरे लिए अत्यंत हर्ष, गर्व और भावुकता का अवसर है कि डॉ. संजीव शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “हिमालयन...

हिमालयन गद्दी समुदाय - पुस्तक विमोचन का गौरवपूर...

📚 हिमालयन गद्दी समुदाय — पुस्तक विमोचन का गौरवपूर्ण क्षण 📚 आज मेरे लिए अत्यंत हर्ष, गर्व और भावुकता का अवसर है कि डॉ. संजीव शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “हिमालयन...

श्री हिमालयन बालाजी मंदिर निर्माण कार्य

श्री हिमालयन बालाजी मंदिर निर्माण कार्य

श्री हिमालयन बालाजी मंदिर निर्माण कार्य चल रहा है  जय गुरुदेव जय श्रीराम 

श्री हिमालयन बालाजी मंदिर निर्माण कार्य

श्री हिमालयन बालाजी मंदिर निर्माण कार्य चल रहा है  जय गुरुदेव जय श्रीराम 

“गुरुकृपा से जीवन का एक और वर्ष पूर्ण… अब हर श्वास योग, हर कर्म सेवा, हर कदम प्रभु चरणों में।” जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम 🙏

“गुरुकृपा से जीवन का एक और वर्ष पूर्ण… अब हर श्...

“गुरुकृपा से जीवन का एक और वर्ष पूर्ण… अब हर श्वास योग, हर कर्म सेवा, हर कदम प्रभु चरणों में।”जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम 🙏

“गुरुकृपा से जीवन का एक और वर्ष पूर्ण… अब हर श्...

“गुरुकृपा से जीवन का एक और वर्ष पूर्ण… अब हर श्वास योग, हर कर्म सेवा, हर कदम प्रभु चरणों में।”जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम 🙏

योग परंपरा के अनुसार

योग परंपरा के अनुसार

🕉️ क्या आप जानते हैं?योग परंपरा के अनुसार हमारे शरीर में 72,000 नाड़ियों का वर्णन मिलता है, जिनमें इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना को तीन प्रमुख नाड़ियाँ माना गया है।🌙 इड़ा...

योग परंपरा के अनुसार

🕉️ क्या आप जानते हैं?योग परंपरा के अनुसार हमारे शरीर में 72,000 नाड़ियों का वर्णन मिलता है, जिनमें इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना को तीन प्रमुख नाड़ियाँ माना गया है।🌙 इड़ा...

चित्त मिले तो मित्र बनाओ, मन मिले तो चेला; जहाँ न मिले मन-चित्त, वहाँ रहना भला अकेला।

चित्त मिले तो मित्र बनाओ, मन मिले तो चेला; जहाँ...

चित्त मिले तो मित्र बनाओ,मन मिले तो चेला;जहाँ न मिले मन-चित्त,वहाँ रहना भला अकेला।

चित्त मिले तो मित्र बनाओ, मन मिले तो चेला; जहाँ...

चित्त मिले तो मित्र बनाओ,मन मिले तो चेला;जहाँ न मिले मन-चित्त,वहाँ रहना भला अकेला।