आज का श्री हनुमान योग सूत्र
सूत्र
स्थिरचित्ते महावीर्यं प्रकटते।
भावार्थ
जब चित्त स्थिर हो जाता है, तब भीतर छिपी हुई महावीर्य शक्ति स्वतः प्रकट हो जाती है।
हनुमान योग में चित्त की स्थिरता ही बल, साहस, निर्भयता और सेवा-भाव का मूल है।
साधना संकेत
आज 11 बार श्वास के साथ मन में जप करें—
“ॐ हं हनुमते नमः”
ऊं बागेश्वराय नमः
और ध्यान रखें: मन को स्थिर करना ही सच्चा बल है।
🙏 जय श्री हनुमान
जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम