News

योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं

योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं

“योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं,योग वह जीवन-दृष्टि है जो शरीर को स्वास्थ्य,मन को शांति और आत्मा को उद्देश्य प्रदान करती है।प्रतिदिन स्वयं से जुड़ना ही सच्चा योग है।”🙏 जय...

योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं

“योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं,योग वह जीवन-दृष्टि है जो शरीर को स्वास्थ्य,मन को शांति और आत्मा को उद्देश्य प्रदान करती है।प्रतिदिन स्वयं से जुड़ना ही सच्चा योग है।”🙏 जय...

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है; योग उसका मार्ग है और भक्ति उसका प्रकाश।” जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है; योग उसका मार्ग है और भक्ति उसका प्रकाश।” जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम

ऊर्जा स्रोत .. ऊर्जा साधना सत्र

ऊर्जा स्रोत .. ऊर्जा साधना सत्र

ऊर्जा स्रोत .. ऊर्जा साधना सत्र 18,19,20 जनवरी 2026हिमालयन योग केंद्र रककड़, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश संपर्क नंबर+918627049755

ऊर्जा स्रोत .. ऊर्जा साधना सत्र

ऊर्जा स्रोत .. ऊर्जा साधना सत्र 18,19,20 जनवरी 2026हिमालयन योग केंद्र रककड़, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश संपर्क नंबर+918627049755

“जहाँ भय समाप्त होता है, वहीं हनुमान तत्त्व प्रकट होता है

“जहाँ भय समाप्त होता है, वहीं हनुमान तत्त्व प्र...

🌺 आज का विचार 🌺“जहाँ भय समाप्त होता है, वहीं हनुमान तत्त्व प्रकट होता है—भक्ति से शक्ति, और शक्ति से सेवा जन्म लेती है।”— डॉ. संजीव शर्मा योगाचार्य 🙏

“जहाँ भय समाप्त होता है, वहीं हनुमान तत्त्व प्र...

🌺 आज का विचार 🌺“जहाँ भय समाप्त होता है, वहीं हनुमान तत्त्व प्रकट होता है—भक्ति से शक्ति, और शक्ति से सेवा जन्म लेती है।”— डॉ. संजीव शर्मा योगाचार्य 🙏

“जो व्यक्ति स्वयं को जीत लेता है,

“जो व्यक्ति स्वयं को जीत लेता है,

आज का विचार – डॉ. संजीव शर्मा योगाचार्य“जो व्यक्ति स्वयं को जीत लेता है,वही सच्चा योगी है।बाहरी संसार को बदलने से पहलेअपने भीतर के अहंकार, भय और आलस्य को जीतना...

“जो व्यक्ति स्वयं को जीत लेता है,

आज का विचार – डॉ. संजीव शर्मा योगाचार्य“जो व्यक्ति स्वयं को जीत लेता है,वही सच्चा योगी है।बाहरी संसार को बदलने से पहलेअपने भीतर के अहंकार, भय और आलस्य को जीतना...

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है।

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है।

आज का प्रेरणादायक विचार — डॉ. संजीव शर्मा (योगाचार्य) “शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है। नियमित साधना, शुद्ध विचार और निःस्वार्थ सेवा— यही कुंडलिनी जागरण का सच्चा मार्ग है।” 🙏🕉

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है।

आज का प्रेरणादायक विचार — डॉ. संजीव शर्मा (योगाचार्य) “शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है। नियमित साधना, शुद्ध विचार और निःस्वार्थ सेवा— यही कुंडलिनी जागरण का सच्चा मार्ग है।” 🙏🕉