योग परंपरा के अनुसार

योग परंपरा के अनुसार

🕉️ क्या आप जानते हैं?
योग परंपरा के अनुसार हमारे शरीर में 72,000 नाड़ियों का वर्णन मिलता है, जिनमें इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना को तीन प्रमुख नाड़ियाँ माना गया है।
🌙 इड़ा नाड़ी — चंद्र स्वर, शीतलता, शांति और मानसिक स्थिरता
☀️ पिंगला नाड़ी — सूर्य स्वर, ऊर्जा, सक्रियता और उत्साह
🪷 सुषुम्ना नाड़ी — संतुलन, ध्यान और आध्यात्मिक साधना का मध्य मार्ग
🌿 नाड़ी शोधन प्राणायाम योग की एक महत्वपूर्ण साधना है, जिसका उद्देश्य श्वास और प्राण के प्रवाह में संतुलन स्थापित करना है।
इड़ा + पिंगला का संतुलन → सुषुम्ना की साधना → मन में शांति और एकाग्रता। 🕉️
योग अपनाएँ • प्राण को समझें • जीवन को संतुलित बनाएँ।
— डॉ. संजीव शर्मा योगाचार्य
Himalayan Yoga
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