चित्त मिले तो मित्र बनाओ, मन मिले तो चेला; जहाँ न मिले मन-चित्त, वहाँ रहना भला अकेला।

चित्त मिले तो मित्र बनाओ, मन मिले तो चेला; जहाँ न मिले मन-चित्त, वहाँ रहना भला अकेला।

चित्त मिले तो मित्र बनाओ,
मन मिले तो चेला;
जहाँ न मिले मन-चित्त,
वहाँ रहना भला अकेला।

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