आज का श्री हनुमान योग सूत्र
“जहाँ श्रद्धा स्थिर होती है, वहाँ शक्ति स्वयं प्रकट होती है;
और जहाँ सेवा भाव जागता है, वहाँ हनुमान का योग साकार होता है।”
संक्षिप्त भावार्थ:
जब साधक का मन अटल श्रद्धा में स्थिर हो जाता है और वह निस्वार्थ सेवा को जीवन का मार्ग बना लेता है, तब उसके भीतर छिपी दिव्य शक्ति जागृत होती है। यही हनुमान योग का मूल है — भक्ति, सेवा और साहस का एक साथ प्रकट होना।
जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम