श्री हनुमान योग सूत्र में - सिद्धासन

श्री हनुमान योग सूत्र में - सिद्धासन

🕉️ श्री हनुमान योग सूत्र में — सिद्धासन 


सूत्र १
सिद्धासनं स्थैर्यद्वारम्।
अर्थ: सिद्धासन साधक के लिए स्थिरता का द्वार है।
सूत्र २
मूलाधारे स्थितो वायुः हनुमत्-चेतनां जागरयति।
अर्थ: मूलाधार में स्थित प्राण जब संतुलित होता है, तब हनुमत् चेतना जागृत होती है।
सूत्र ३
रीढा समता, चित्ते शान्तिः, श्वासे लयः — एष सिद्धासनस्य रहस्यम्।
अर्थ: रीढ़ की सीध, मन की शांति और श्वास की लय — यही सिद्धासन का रहस्य है।
सूत्र ४
यत्र देहः स्थिरः, तत्र मनः निर्विकल्पम्।
अर्थ: जहाँ शरीर स्थिर होता है, वहाँ मन विकल्पों से मुक्त होता है।
सूत्र ५
सिद्धासने स्थितः साधकः सेवा-भक्ति-ज्ञानत्रयं अनुभवति।
अर्थ: सिद्धासन में स्थित साधक सेवा, भक्ति और ज्ञान — इन तीनों का अनुभव करता है।
🌿 साधना संकेत (श्री हनुमान योग सूत्र हेतु)
आसन में बैठकर “ॐ ह हनुमते नमः”,  ॐ बागेश्वराय नमः का 11 या 27 बार जप।
श्वास के साथ सोऽहम् का आंतरिक ध्यान।
अंत में गुरुचरणों में समर्पण भाव।

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