“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है

“शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है; योग उसका मार्ग है और भक्ति उसका प्रकाश।” जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम

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