आज का प्रेरणादायक विचार — डॉ. संजीव शर्मा (योगाचार्य) “शक्ति बाहर नहीं, भीतर जागती है। नियमित साधना, शुद्ध विचार और निःस्वार्थ सेवा— यही कुंडलिनी जागरण का सच्चा मार्ग है।” 🙏🕉