🕉️ आज का श्री हनुमान योग सूत्र
(भक्ति–योग–ज्ञान का समन्वय)
सूत्र:
“जहाँ अहंकार शून्य होता है, वहीं हनुमान-तत्त्व प्रकट होता है।”
भावार्थ:
जो साधक मैं और मेरा का बोझ छोड़ देता है, उसके भीतर सेवा, साहस और भक्ति की अखंड शक्ति जागृत होती है। वही हनुमान-तत्त्व है—निर्भय, निःस्वार्थ और परम समर्पित।
योगिक संकेत:
- श्वास में विनय — श्वास लें: सेवा; श्वास छोड़ें: अहंकार
- चित्त में स्थिरता — मन को उद्देश्य दें, फल-आसक्ति छोड़ें
- कर्म में भक्ति — हर कर्म को राम-कार्य समझकर करें
आज का अभ्यास (३ मिनट):
- आँखें बंद करें, 5 गहरी श्वास-प्रश्वास।
- हृदय में भाव करें: “मैं माध्यम हूँ।”
- अंत में जप करें: “ॐ ह हनुमते नमः” , ऊं बागेश्वराय नमः (11 बार)
जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम
डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य
बागेश्वर धाम सरकार के शिष्य