मन की चंचलता को सेवा में रूपांतरित कर दो

मन की चंचलता को सेवा में रूपांतरित कर दो

🌺 आज का श्री हनुमान योग सूत्र 🌺

“मन की चंचलता को सेवा में रूपांतरित कर दो — जहाँ सेवा है, वहीं हनुमान की योग-शक्ति प्रकट होती है।”

अर्थ:
जब मन इधर-उधर भटकता है, तो उसे रोकने की जगह किसी शुभ, सेवामयी कार्य में लगा दें।
सेवा मन को स्थिर करती है, ऊर्जा को शुद्ध करती है और भीतर हनुमानजी जैसी शक्ति, साहस और समर्पण जागृत करती है।

आज का अभ्यास:

  • 5 मिनट “श्री राम” का जप
  • किसी एक व्यक्ति की निस्वार्थ मदद करें
  • शाम को 3 गहरी सांसें लेकर मन को शांत करें

🙏 जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम 

डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य 

बागेश्वर धाम सरकार के शिष्य 

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