🙏✨ आज का श्री हनुमान योग सूत्र ✨🙏
(27 नवंबर 2025)
🕉️ सूत्र
"श्रद्धा + सेवा + श्वास = शिव-चित्त अवस्था।"
📖 अर्थ
जब साधक श्रद्धा (गहरा विश्वास), सेवा (निःस्वार्थ कर्म), और श्वास (सचेत प्राणायाम) को एक बनाए रखता है, तब मन भटकता नहीं — वह शिवस्वरूप, स्थिर और शक्तिमय हो जाता है।
यही अवस्था हनुमान योग की जड़ है।
🔥 गूढ़ रहस्य
- श्रद्धा → भक्ति जाग्रत करती है
- सेवा → अहंकार गलाती है
- सचेत श्वास → प्राण को दिव्य बनाती है
और जब ये तीनों मिलते हैं, तब मनुष्य मानव से महारुद्र बन जाता है।
यही हनुमान का मार्ग है — सरल, परन्तु अग्निपथ।
🧘♂️ आज की साधना
1️⃣ 5 गहरी श्वास लें
2️⃣ मन में "राम" नाम का जप करें
3️⃣ किसी एक छोटे कार्य में निःस्वार्थ सेवा करें
4️⃣ अंत में केवल 30 सेकंड निर्मल मौन में बैठें
🌺 आज का आशीर्वचन
"जो स्वयं को भुला दे, वही प्रभु को पा ले।"
डॉ संजीव शर्मा योगाचार्य
बागेश्वर धाम सरकार के शिष्य
जय गुरुदेव जय बागेश्वर धाम